Skip to main content

Omicorn medicine found : All Details

  Omicorn medicine found : All Details   As the world worries that the omicron coronavirus variant may cause a surge of cases and weaken vaccines, drug developers have some encouraging news: Two new COVID-19 pills are coming soon, and are expected to work against all versions of the virus. Omicorn medicine found : All Details   Omicorn medicine found : All Details The Food and Drug Administration is expected to soon authorize a pill made by Merck and Ridgeback Biotherapeutics, called molnupiravir, which reduces the risk of hospitalization and death from COVID-19 by 30% if taken within five days of the onset of symptoms.   Another antiviral pill, developed by Pfizer, may perform even better. An interim analysis showed that the drug was 85% effective when taken within five days of the start of symptoms. The FDA could authorize it by year’s end.   Since the start of the pandemic, scientists have hoped for convenient options like these: pills that could be prescribed by

Latest Hindi Stories

 Latest Hindi Stories for kids  


1. रेलगाड़ी

 Latest Hindi Stories for kids  

Latest Hindi Stories
 Latest Hindi Stories for kids  



 

पिंकी बहुत प्यारी लड़की है। पिंकी कक्षा दूसरी में पढ़ती है। एक दिन उसने अपनी किताब में रेलगाड़ी देखी।  उसे अपनी रेलयात्रा याद गई , जो कुछ दिन पहले पापामम्मी के साथ की थी। पिंकी ने चौक उठाई और फिर क्या था , दीवार पर रेलगाड़ी का इंजन बना दिया। उसमें पहला डब्बा जुड़ गया , दूसरा डब्बा जुड़ गया , जुड़तेजुड़ते कई सारे डिब्बे जुड़ गए। जब चौक खत्म हो गया पिंकी उठी उसने देखा कक्षा के आधी दीवार पर रेलगाड़ी बन चुकी थी। फिर क्या हुआ  रेलगाड़ी दिल्ली गई  ,  मुंबई गई   ,   अमेरिका गई  ,  नानी के घर गई ,  और दादाजी के घर भी गई।

 

 

 

नैतिक शिक्षाबच्चों के मनोबल को बढ़ाइए कल के भविष्य का निर्माण आज से होने दे।

 

Moral of the story – Boost the confidence of children because they are the future.

 

  Latest Hindi Stories for kids  


2. पिता की डांट ||

moral short stories in Hindi

 

क्या हुआ बबलू? मौसम कितना सुहाना है। आप इतने परेशान क्यों दिखते हैं?

मत पूछो C.M, मैं वास्तव में चिंतित हूं।

क्यों क्या हुआ?

कौन इतनी बेहूदा चीज के लिए डांटता है?

आपको किसने डांटा? बस मुझे नाम बताओ।

"मेरे पिता", बबलू ने जवाब दिया।

तुंहारे पिताजी? ओह, तो मैं कुछ नहीं कर सकता

हाँ, लेकिन यह मेरी गलती नहीं थी कि मैं अपने कमरे में एक फुटबॉल के साथ खेल रहा था। दोस्त ने इसे बहुत मुश्किल से मारा और दीपक को तोड़ दिया।

ओह, और अनावश्यक खर्च!

लेकिन यह में नहीं था जिसने गेंद को लात मारी।

C.M: बबलू, किसका दोस्त था?

बबलू: मेरा।

वह किसका कमरा था?

बबलू: मेरा।

तो बबलू, जरा बताओ, क्या तुम्हें एक कमरे में फुटबॉल खेलना चाहिए? आप इसे जमीन पर खेलना चाहते हैं। जब आप एक कमरे में फुटबॉल खेलते हैं तो आप चीजों को तोड़ने जा रहे हैं।

 

लेकिन उन्होंने मुझे अपने दोस्त के सामने डांटा।

बबलू, बच्चे हमेशा अपने माता-पिता की नज़र में बच्चे बने रहेंगे। यहां तक ​​कि अगर वह आपको डांटता है तो क्या बड़ी बात है?

 

नहीं, मैंने फैसला किया है कि मैं घर वापस नहीं जाऊंगा। फिर तुम कहाँ जाओगे?

तुम लोग मेरे दोस्त हो ना? मैं तुम्हारे साथ रहने जा रहा हूं।

 

जब आप बीमार होते हैं तो बबलू आपकी देखभाल कौन करता है?

बबलू: मेरे माता-पिता मेरा ख्याल रखते हैं। वे मुझे एक सेकंड के लिए भी अकेला नहीं छोड़ते।

आपको आपकी पसंद की चीज़े कौन लाके देता हे?

बबलू: कभी-कभी यह मेरी माँ करती है और कभी-कभी यह मेरे पिता करते हैं।

 

तो, अगर वे आपको किसी कारण से डांटते हैं तो आप क्यों क्रोधित हो रहे हैं? वे आपके लिए बहुत कुछ करते हैं। हम सभी को हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए और उनकी बातों को सुनना चाहिए।

 

तो मुझे क्या करना चाहिए? तो मुझे क्या करना चाहिए? घर जाओ और अपने पिता से माफी मांगो।

 

क्या आपको लगता है कि वह मुझे माफ कर देगा?

हाँ, वह करेंगे! माता-पिता लंबे समय तक नाराज नहीं रह सकते।

भगवान सर्वशक्तिमान ने यह भी कहा है कि हमें कभी भी ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो हमारे माता-पिता को नाराज करे।

यदि उनकी गलती है तो भी हमें शिकायत नहीं करनी चाहिए।

ठीक है सी.एम. मैं अपने पिता से माफी मांगने जा रहा हूं।

ऑल बेस्ट बबलू बॉय!

 

The moral of the short story is: koi bhi faisla gusse me aakar nahi Lena chahiye.

 

 Latest Hindi Stories for kids  


 

 

3. और बन गई क्रिकेट टीम

राजू पार्क में उदास बैठा था , आज उसके दोस्त खेलने नहीं आए थे। राजू के पास एक गेंद थी , किंतु बैट और मित्र नहीं थे। वह अकेले ही गेंद के साथ मायूसी से खेल रहा था। पार्क में अन्य बालक भी क्रिकेट खेल रहे थे , किंतु राजू उन्हें जानता नहीं था। इसलिए वह अकेला ही कभी गेंद से खेलता और कभी बैठ कर उन बालकों को खेलता हुआ देखता रहता।

 

कुछ देर बाद सामने खेल रहे बालकों की गेंद पड़ोस के एक बंद घर में जा गिरी। वहां से गेंद के लौट का आना असंभव था , और कोई बालक उसे लेने के लिए भीतर भी नहीं जा सकता था। अब उन बालकों का भी खेलना बंद हो गया। वह सभी उदास हो गए , क्योंकि अब वह भी क्रिकेट नहीं खेल सकते थे।

 

 

उन बालकों की नजर राजू के ऊपर गई , जिसके पास गेंद थी।  फिर क्या था , उन लोगों ने राजू को खेलने के लिए अपने पास बुला लिया। राजू खेलने में अच्छा था। इसलिए काफी बेहतरीन शॉर्ट लगा सकता था। गेंद को पकड़ने के लिए और बालकों की आवश्यकता हुई। जिस पर पार्क में खेल रहे और बालक भी उनसे जुड़ गए। और फिर देखते देखते दो दल बन गया।

 

इस प्रकार राजू की एक नई क्रिकेट टीम तैयार हो गई।

 

 Hindi short stories for kids  

 

  Latest Hindi Stories for kids  


4. स्वयं का नुकसान

शहर में एक छोटी सी दुकान , जिसमें कुछ चिप्स , पापड़ , टॉफी , बिस्किट आदि की बिक्री होती थी। यह दुकान अब्दुल मियां की थी। इनकी हालात सभी लोगों को मालूम थी , इसलिए ना चाहते हुए भी आस पड़ोस के लोग कुछ ऐसा सामान ले लिया करते थे। जिससे अब्दुल मियां की कुछ कमाई हो जाए।

 

दुकान में चूहों ने भी अपना डेरा जमा लिया था। दुकान में एक से बढ़कर एक शरारती चूहे गए थे।

 

इन चूहों ने टॉफी और बिस्किट को नुकसान पहुंचाना चालू कर दिया था।

 

अब्दुल काफी परेशान हो गया था , उसे समझ नहीं रहा था कि वह इस शरारत से कैसे बचे।

 

एक दिन की बात है , अब्दुल बैठा हुआ था तीनचार चूहे आपस में लड़ रहे थे।

 

अब्दुल को गुस्सा आया उसने एक डंडा उन चूहों की ओर जोर से चलाया।

 

 

चूहे उछल कर भाग गए , किंतु वह डंडा इतना तेज चलाया गया था कि टॉफी रखने वाली शीशे की जार टूट गई।

 

ऐसा करने से और भी बड़ा नुकसान हो गया।

 

निष्कर्ष

 

क्रोध में किसी प्रकार का कार्य नहीं करना चाहिए , यह स्वयं के लिए नुकसानदेह होता है।

 

 

Hindi short stories for kids  

 

  Latest Hindi Stories for kids  


 

5. अपने गलती का पछतावा

गोपाल के घर पांच भैंस और एक गाय थी। वह सभी भैंसों की दिनभर देखभाल किया करता था। उनके लिए दूर-दूर से हरीहरी घास काटकर लाया करता और उनको खिलाता। गाय , भैंस गोपाल की सेवा से खुश थी।

 

सुबहशाम इतना दूध हो जाता , गोपाल का परिवार उस दूध को बेचने पर विवश हो जाता।

 

पूरे गांव में गोपाल के घर से दूध बिकने लगा।

 

अब गोपाल को काम करने में और भी मजा रहा था , क्योंकि इससे उसकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही थी।

 

 

कुछ दिनों से गोपाल परेशान होने लगा , क्योंकि उसके रसोईघर में एक बड़ी सी बिल्ली ने आंखें जमा ली थी। गोपाल जब भी दूध को रसोई घर में रखकर निश्चिंत होता। बिल्ली दूध पी जाती और उन्हें जूठा भी कर जाती। गोपाल ने कई बार उस बिल्ली को भगाया और मारने के लिए दौड़ाया , किंतु बिल्ली झटपट दीवार चढ़ जाती और भाग जाती।

 

एक  दिन गोपाल ने परेशान होकर बिल्ली को सबक सिखाने की सोंची

 

जूट की बोरी का जाल बिछाया गया , जिसमें बिल्ली आसानी से फंस गई।

 

अब क्या था गोपाल ने पहले डंडे से उसकी पिटाई करने की सोची।

 

बिल्ली इतना जोरजोर से झपट रही थी गोपाल उसके नजदीक नहीं जा सका।

 

किंतु आज सबक सिखाना था , गोपाल ने एक माचिस की तीली जलाई और उस बोरे पर फेंक दिया।

 

देखते ही देखते बोरा धू-धू कर जलने लगा , बिल्ली अब पूरी शक्ति लगाकर भागने लगी।

 

बिल्ली जिधर जिधर भागती , वह आग लगा बोरा उसके पीछे पीछे होता।

 

देखते ही देखते बिल्ली पूरा गांव दौड़ गई।

 

पूरे गांव से आग लगी……………….. आग लगी  , बुझाओ …….बुझाओ

 

इस प्रकार की आवाज उठने लगी। बिल्ली ने पूरा गांव जला दिया।

 

गोपाल का घर भी नहीं बच पाया था।

 

निष्कर्ष

 

आवेग और स्वयं की गलती का फल खुद को तो भोगना पड़ता ही है , साथ में दूसरे लोग भी उसकी सजा भुगतते हैं।

Hindi short stories for kids  

 

  Latest Hindi Stories for kids  


6. शरारती चूहा

गोलू के घर में एक शरारती चूहा गया। वह बहुत छोटा सा था मगर सारे घर में भागा चलता था। उसने गोलू की किताब भी कुतर डाली थी। कुछ कपड़े भी कुतर दिए थे। गोलू की मम्मी जो खाना बनाती और बिना ढके रख देती , वह चूहा उसे भी चट कर जाता था। चूहा खापीकर बड़ा हो गया था। एक दिन गोलू की मम्मी ने एक बोतल में शरबत बनाकर रखा। शरारती चूहे की नज़र बोतल पर पड़ गयी।  चूहा कई तरकीब लगाकर थक गया था , उसने शरबत पीना था।

 

 

चूहा बोतल पर चढ़ा किसी तरह से ढक्कन को खोलने में सफल हो जाता है।  अब उसमें चूहा मुंह घुसाने की कोशिश करता है।  बोतल का मुंह छोटा था मुंह नहीं घुसता।  फिर चूहे को आइडिया आया उसने अपनी पूंछ बोतल में डाली। पूंछ  शरबत से गीली हो जाती है  उसे चाटचाट कर  चूहे का पेट भर गया। अब वह गोलू के तकिए के नीचे बने अपने बिस्तर पर जा कर आराम से करने लगा।

 

नैतिक शिक्षामेहनत करने से कोई कार्य असम्भव नहीं होता।

 

Moral of this short hindi story – Hard work with smartness is the key to success. Always focus on smart work.

 

 Hindi short stories for kids  

 

 

7. बिल्ली बच गई

 

 

ढोलूमोलू दो भाई थे। दोनों खूब खेलते , पढ़ाई करते और कभी-कभी खूब लड़ाई भी करते थे।  एक दिन दोनों अपने घर के पीछे खेल रहे थे। वहां एक कमरे में बिल्ली के दो छोटे-छोटे बच्चे थे। बिल्ली की मां कहीं गई हुई थी , दोनों बच्चे अकेले थे।  उन्हें भूख लगी हुई थी इसलिए  खूब रो रहे थे। ढोलूमोलू ने दोनों बिल्ली के बच्चों की आवाज सुनी और अपने दादाजी को बुला कर लाए।

 

दादा जी ने देखा दोनों बिल्ली के बच्चे भूखे थे। दादा जी ने उन दोनों बिल्ली के बच्चों को खाना खिलाया और एक एक कटोरी दूध पिलाई। अब बिल्ली की भूख शांत हो गई। वह दोनों आपस में खेलने लगे। इसे देखकर ढोलूमोलू बोले बिल्ली बच गई दादाजी ने ढोलूमोलू को शाबाशी दी।

 

नैतिक शिक्षादूसरों की भलाई करने से ख़ुशी मिलती है।

 

Moral of this short hindi story – Always try to help others. It will give real pleasure.

 

 Hindi short stories for kids  

  Latest Hindi Stories for kids  


 

8. रितेश के तीन खरगोश राजा

Hindi short stories for kids  

रितेश का कक्षा तीसरी में पढ़ता था।  उसके पास तीन छोटे प्यारे प्यारे खरगोश थे।  रितेश अपने खरगोश को बहुत प्यार करता था। वह स्कूल जाने से पहले पाक से हरे-भरे कोमल घास लाकर अपने खरगोश को खिलाता था। और फिर स्कूल जाता था।  स्कूल से आकर भी उसके लिए घास लाता था।

 

एक  दिन की बात है रितेश को स्कूल के लिए देरी हो रही थी। वह घास नहीं ला सका , और स्कूल चला गया। जब स्कूल से आया तो खरगोश अपने घर में नहीं था। रितेश ने खूब ढूंढा परंतु कहीं नहीं मिला। सब लोगों से पूछा मगर खरगोश कहीं भी नहीं मिला।

 

रितेश उदास हो गया रो-रोकर आंखें लाल हो गई। रितेश अब पार्क में बैठ कर रोने लगा। कुछ देर बाद वह देखता है कि उसके तीनों खरगोश घास खा रहे थे , और खेल रहे थे। रितेश को खुशी हुई और वह समझ गया कि इन को भूख लगी थी इसलिए यह पार्क में आए हैं। मुझे भूख लगती है तो मैं मां से खाना मांग लेता हूं। पर इनकी तो मैं भी नहीं है। उसे दुख भी हुआ और खरगोश को मिलने की खुशी हुई।

 

नैतिक शिक्षा  जो दूसरों के दर्द को समझता है उसे दुःख छू भी नहीं पता।

 

Moral of this short hindi story – Understand the agony of others. You will never feel any sorrow.

 

 

Hindi short stories for kids  

Hindi short stories for kids  

 

 

9. दोस्त का महत्व

वेद गर्मी की छुट्टी में अपनी नानी के घर जाता है। वहां वेद को खूब मजा आता है , क्योंकि नानी के आम का बगीचा है। वहां वेद ढेर सारे आम खाता है और खेलता है। उसके पांच दोस्त भी हैं , पर उन्हें बेद आम नहीं खिलाता है।

 

एक  दिन की बात है , वेद को खेलते खेलते चोट लग गई। वेद के दोस्तों ने वेद  को उठाकर घर पहुंचाया और उसकी मम्मी से उसके चोट लगने की बात बताई , इस पर वेद को मालिश किया गया।

 

मम्मी ने उन दोस्तों को धन्यवाद किया और उन्हें ढेर सारे आम खिलाएं। वेद जब ठीक हुआ तो उसे दोस्त का महत्व समझ में गया था। अब वह उनके साथ खेलता और खूब आम खाता था।

 

 

 

नैतिक शिक्षादोस्त सुखदुःख के साथी होते है। उनसे प्यार करना चाहिए कोई बात छुपाना नहीं चाहिए।

 

Moral of this short Hindi story –

 

Always love your best friend. And take the time to choose your friends or company of friends. Because this company with friends will decide your behavior towards the situation in life.

Hindi short stories for kids  

 

10. मां की ममता

आम के पेड़ पर एक सुरीली नाम की चिड़िया रहती थी। उसने खूब सुंदर घोंसला बनाया हुआ था। जिसमें उसके छोटे-छोटे बच्चे साथ में रहते थे। वह बच्चे अभी उड़ना नहीं जानते थे , इसीलिए सुरीली उन सभी को खाना ला कर खिलाती थी।

 

एक दिन जब बरसात तेज हो रही थी। तभी सुरीली के बच्चों को जोर से भूख लगने लगी। बच्चे खूब जोर से रोने लगे , इतना जोर की देखते-देखते सभी बच्चे रो रहे थे। सुरीली से अपने बच्चों के रोना अच्छा नहीं लग रहा था। वह उन्हें चुप करा रही थी , किंतु बच्चे भूख से तड़प रहे थे इसलिए वह चुप नहीं हो रहे थे।

 

सुरीली सोच में पड़ गई , इतनी तेज बारिश में खाना कहां से लाऊंगी। मगर खाना नहीं लाया तो बच्चों का भूख कैसे शांत होगा। काफी देर सोचने के बाद सुरीली ने एक लंबी उड़ान भरी और पंडित जी के घर पहुंच गई।

 

पंडित जी ने प्रसाद में मिले चावल दाल और फलों को आंगन में रखा हुआ था। चिड़िया ने देखा और बच्चों के लिए अपने मुंह में ढेर सारा चावल रख लिया। और झटपट वहां से उड़ गई।

 

घोसले में पहुंचकर चिड़िया ने सभी बच्चों को चावल का दाना खिलाया। बच्चों का पेट भर गया , वह सब चुप हो गए और आपस में खेलने लगे।

 

मोरल

संसार में मां की ममता का कोई जोड़ नहीं है अपनी जान विपत्ति में डालकर भी अपने बच्चों के हित में कार्य करती है।

 

If you really like these stories then please do comment below.

 

We have more Hindi short stories with moral values for kids on our website.

 

 

Hindi short stories for kids  

11. रानी की शक्ति

रानी एक चींटी का नाम है जो अपने दल से भटक चुकी है। घर का रास्ता नहीं मिलने के कारण , वह काफी देर से परेशान हो रही थी रानी के घर वाले एक सीध में जा रहे थे। तभी जोर की हवा चली , सभी बिखर गए। रानी भी अपने परिवार से दूर हो गई।  वह अपने घर का रास्ता ढूंढने में परेशान थी।

 

काफी देर भटकने के बाद उसे जोर से भूख और प्यास लगी।

 

रानी जोर से रोती हुई जा रही थी।

 

रास्ते में उसे गोलू के जेब से गिरी हुई टॉफी मिल गई। रानी के भाग्य खुल गए।  उसे भूख लग रही थी और खाने को टॉफी मिल गया था। रानी ने जी भर के टोपी खाया अब उसका पेट भर गया।

 

रानी ने सोचा क्यों ना इसे घर ले चलूँ , घर वाले भी खाएंगे।

 

 

टॉफी बड़ा थी , रानी उठाने की कोशिश करती और गिर जाती। रानी ने हिम्मत नहीं हारी। वह दोनों हाथ और मुंह से टॉफी को मजबूती से पकड़ लेती है

 

घसीटते -घसीटते वह अपने घर पहुंच गई। उसके मम्मीपापा और भाईबहनों ने देखा तो वह भी दौड़कर गए। टॉफी उठाकर अपने घर के अंदर ले गए।

 

फिर क्या था ?

 

सभी की पार्टी शुरू हो गई।

 

मोरललक्ष्य कितना भी बड़ा हो निरंतर संघर्ष करने से अवश्य प्राप्त होता है।

 

 Hindi short stories for kids  

 

 

12. मोती का मित्र

मोती तीसरी कक्षा में पढ़ता है। वह स्कूल जाते समय अपने साथ दो रोटी लेकर जाता था। रास्ते में मंदिर के बाहर एक छोटी सी गाय रहती थी। वह दोनों रोटी उस गाय को खिलाया करता था।

 

मोती कभी भी गाय को रोटी खिलाना नहीं भूलता। कभी-कभी स्कूल के लिए देर होती तब भी वह बिना रोटी खिलाए नहीं जाता

 

 

स्कूल में लेट होने के कारण मैडम डांट भी लगाती थी।

 

वह गाय इतनी प्यारी थी , मोती को देखकर बहुत खुश हो जाती

 

मोती भी उसको अपने हाथों से रोटी खिलाता।

 

दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे।

 

एक दिन की बात है मोती बाजार से सामान लेकर लौट रहा था।

 

मंदिर के बाहर कुछ लड़कों ने उसे पकड़ लिया।

 

मोती से सामान छीनने लगे। गाय ने मोती को संकट में देख उसको बचाने के लिए दौड़ी।

 

गाय को अपनी ओर आता देख सभी लड़के नौ-दो-ग्यारह हो गए।

 

मोती ने गाय को गले लगा लिया , बचाने के लिए धन्यवाद कहा।

 

मोरल

 

गहरी मित्रता सदैव सुखदाई होती है।

निस्वार्थ भाव से व्यक्ति को मित्रता करनी चाहिए। संकट में मित्र ही काम आता है।

 Hindi short stories for kids  

 

 

13. बलवान कछुए की मूर्खता

एक सरोवर में विशाल नाम का एक कछुआ रहा करता था। उसके पास एक मजबूत कवच था। यह कवच शत्रुओं से बचाता था। कितनी बार उसकी जान कवच के कारण बची थी।

 

एक बार भैंस तालाब पर पानी पीने आई थी। भैंस का पैर विशाल पर पड़ गया था। फिर भी विशाल को नहीं हुआ। उसकी जान कवच से बची थी। उसे काफी खुशी हुई क्योंकि बार-बार उसकी जान बच रही थी।

 

 

यह कवच विशाल को कुछ दिनों में भारी लगने लगा। उसने सोचा इस कवच से बाहर निकल कर जिंदगी को जीना चाहिए। अब मैं बलवान हो गया हूं , मुझे कवच की जरूरत नहीं है।

 

विशाल ने अगले ही दिन कवच को तालाब में छोड़कर आसपास घूमने लगा।

 

अचानक हिरण का झुंड तालाब में पानी पीने आया। ढेर सारी हिरनिया अपने बच्चों के साथ पानी पीने आई थी।

 

उन हिरणियों के पैरों से विशाल को चोट लगी , वह रोने लगा।

 

आज उसने अपना कवच नहीं पहना था। जिसके कारण काफी चोट जोर से लग रही थी।

 

विशाल रोता-रोता वापस तालाब में गया और कवच को पहन लिया।  कम से कम कवच से जान तो बचती है।

 

मोरल

 

प्रकृति से मिली हुई चीज को सम्मान पूर्वक स्वीकार करना चाहिए वरना जान खतरे में पड़ सकती है।

 

 Hindi short stories for kids  

 

 

14. राजू की समझदारी

जतनपुर में लोग बीमार हो रहे थे। डॉक्टर ने बीमारी का कारण मक्खी को बताया। जतनपुर के पास एक कूड़ेदान है। उस पर ढेर सारी मक्खियां रहती है। वह उड़कर सभी घरों में जाती , वहां रखा खाना गंदा कर देती। उस खाने को खाकर लोग बीमार हो रहे थे।

 

राजू दूसरी क्लास में पढ़ता है। उसकी मैडम ने मक्खियों के कारण फैलने वाले बीमारी को बताया।

 

राजू ने मक्खियों को भगाने की ठान ली।

 

घर आकर मां को मक्खियों के बारे में बताया। वह हमारे खाने को गंदा कर देती है। घर में आकर गंदगी फैल आती है। इसे घर से बाहर भगाना चाहिए।

 

राजू बाजार से एक फिनाइल लेकर आया।

 

 

उसके पानी से घर में साफ सफाई हुई। रसोई घर में खाना को ढकवा दिया। जिसके कारण मक्खियों को खाना नहीं मिल पाया।

 

दो दिन में मक्खियां घर से बाहर भाग गई।

 

फिर घर के अंदर कभी नहीं आई।

 

मोरल

 

स्वयं की सतर्कता से बड़ी-बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

 

Shikshaprad laghu kahani in Hindi

Shikshaprad laghu kahani in Hindi

Hindi short stories for kids  

 

 

15.  चुनमुन के बच्चे

बच्चों की प्यारी गोरैया चिड़िया। यह सबके घर में प्यार से रहती है। जो दाना-पानी देता है , उसके घर तो मस्ती से रहती है। कूलर के पीछे चुनमुन का घोंसला है। उसके तीन बच्चे है , यह अभी उड़ना नहीं जानते।

 

चुनमुन के बच्चों ने उड़ना सिखाने के लिए तंग कर दिया।

 

चुनमुन कहती अभी थोड़ी और बड़ी हो जाओ तब सिखाएंगे। बच्चे दिनभर ची ची ची ची  करके चुनमुन को परेशान करते।

 

 

एक दिन चुनमुन ने बच्चों को उड़ना सिखाने के लिए कहा।

 

अपने दोनों हाथों में उठाकर आसमान में ले गई। उन्हें छोड़ दिया , वह धीरे-धीरे उड़ रही थी।

 

जब बच्चे गिरने लगते चुनमुन उन्हें अपने पीठ पर बैठा लेती।  फिर उड़ने के लिए कहती।

 

ऐसा करते करते चुनमुन के बच्चे आसमान में उड़ने लगे थे।

 

चुनमुन ने सभी को घर चलने के लिए कहा।

 

सब मां के पीछे-पीछे घर लौट आए।

 

 

 

मोरलअभ्यास किसी भी कार्य की सफलता की पहली सीढ़ी होती है।

 

 

Hindi short stories for kids  

 

 

 

16. कालिया को मिली सजा

कालिया से पूरा गली परेशान था। गली से निकलने वाले लोगों को कभी भों भों करके डराता। कभी काटने दौड़ता था। डर से बच्चों ने उस गली में अकेले जाना छोड़ दिया था।

 

कोई बच्चा गलती से उस गली में निकल जाता तो , उसके हाथों से खाने की चीज छीन कर भाग जाता

 

कालिया ने अपने दोस्तों को भी परेशान किया हुआ था।

 

सब को डरा कर वाह अपने को गली का सेट समझने लगा था। उसके झुंड में एक छोटा सा शेरू नाम का डॉगी भी था।

 

वह किसी को परेशान नहीं करता , छोटे बच्चे भी उसे खूब प्यार करते थे।

 

एक दिन शेरू को राहुल ने एक रोटी ला कर दिया।

 

 

शेरू बहुत खुश हुआ उस रोटी को लेकर गाड़ी के नीचे भाग गया। वहीं बैठ कर खाने लगा।

 

कालिया ने शेरू को रोटी खाता हुआ देख जोर से झटका और रोटी लेकर भाग गया।

 

शेरू जोर-जोर से रोने लगा।

 

राहुल ने अपने पापा से बताया। उसके पापा कालिया की हरकत को जानते थे। वह पहले भी देख चुके थे।

 

उन्हें काफी गुस्सा आया।

 

एक लाठी निकाली और कालिया की मरम्मत कर दी।

 

कालिया को अब अपनी नानी याद गई थी।

 

वह इतना सुधर गया था , गली में निकलने वालों को परेशान भी नहीं करता।

 

छोटे बच्चे को देखते ही छुप जाता था।

 

 

 

मोरल

 

बुरे काम का बुरा ही नतीजा होता है बुरे कामों से बचना चाहिए।

 

 Hindi short stories for kids  

 

 

17. सच्ची मित्रता

अजनार के जंगल में दो बलशाली शेर सूरसिंह और सिंहराज रहते थे। सुरसिंह अब बूढ़ा हो चला था। अब वह अधिक शिकार नहीं कर पाता था।

 

सिंहराज उसके लिए शिकार करता और भोजन ला कर देता।

 

सिंहराज जब शिकार पर निकलता ,  सूर सिंह अकेला हो जाता।

 

डर के मारे कोई पशु उसके पास नहीं जाते थे

 

 

आज सुरसिंह को अकेला देख सियार का झुंड टूट पड़ा। आज सियार को बड़ा शिकार मिला था।

 

चारों तरफ से सियारों ने सुरसिंह को नोच-नोच कर जख्मी कर दिया था।

 

वह बेहोश की हालत में हो गया।

 

अचानक सिंहराज वहां दहाड़ता हुआ गया।

 

सिंहराज को वहां आता देख , सियारों के प्राण सूख गए।

 

सिंह राज ने देखते ही देखते सभी सियारों को खदेड़ दिया। जिसके कारण उसके मित्र सुरसिंह की जान बच सकी

 

 

 

मोरलसच्ची मित्रता सदैव काम आती है ,जीवन में सच्चे मित्र का होना आवश्यक है।

 

 Hindi short stories for kids  

 

 

18. बिच्छू और संत

बिच्छू स्वभाव का उग्र होता है। वह सदैव दूसरों को नुकसान पहुंचाता है। संत स्वभाव से शांत होता है। वह दूसरों का कल्याण करता है।

 

बरसात का दिन था। एक बिच्छू नाले में तेजी से बेहता जा रहा था।संत ने बिच्छू को नाली में बहता देख।

 

अपने हाथ से पकड़कर बाहर निकाला।

 

बिच्छू ने अपने स्वभाव के कारण संत को डंक मारकर नाले में गिर गया।

 

संत ने बिच्छू को फिर अपने हाथ से निकाला। बिच्छू ने संत को फिर डंक मारा।

 

ऐसा दो-तीन बार और हुआ।

 

पास ही वैद्यराज का घर था। वह संत को देख रहे थे। वैद्यराज दौड़ते हुए आए। उन्होंने बिच्छू को एक डंडे के सहारे दूर फेंक दिया।

 

संत से कहाआप जानते हैं बिच्छू का स्वभाव नुकसान पहुंचाने का होता है।

 

फिर भी आपने उसको अपने हाथ से बचाया। आप ऐसा क्यों कर रहे थे ?

 

संत ने कहा वह अपना स्वभाव नहीं बदल सकता तो , मैं अपना स्वभाव कैसे बदल लूं !

 

 

 

मोरलविषम परिस्थितियों में भी अपने स्वभाव को नहीं बदलना चाहिए।

 

 Hindi short stories for kids  

 

 

19. महात्मा बना विषधर

गांव के बाहर पीपल बड़ा वृक्ष था। यह वृक्ष 200 साल से अधिक पुराना था। गांव के लोग उस वृक्ष के नीचे नहीं जाते थे। वहां एक भयंकर विषधर सांप रहा करता था। कई बार उसने चारा खा रही बकरियों को काट लिया था।

 

गांव के लोगों में उसका डर था। गांव में रामकृष्ण परमहंस आए हुए थे।

 

लोगों ने उस विषधर का इलाज करने को कहा।

 

 

रामकृष्ण परमहंस उस वृक्ष के नीचे गए और विषधर को बुलाया। विषधर क्रोध में परमहंस जी के सामने आंख खड़ा हुआ। विषधर को जीवन का ज्ञान देकर परमहंस वहां से चले गए।

 

विषधर अब शांत स्वभाव का हो गया। वह किसी को काटना नहीं था।

 

गांव के लोग भी बिना डरे उस वृक्ष के नीचे जाने लगे।

 

एक दिन जब रामकृष्ण परमहंस गांव लौट कर आए।

 

उन्होंने देखा बच्चे पीपल के पेड़ के नीचे खेल रहे हैं। वह विषधर को परेशान कर रहे थे।  विषधर कुछ नहीं कर रहा है।

 

ऐसा करता देख उन्होंने बच्चों को डांट कर भगाया , और विषधर को अपने साथ ले गए।

 

 

 

मोरलसंत की संगति में दुर्जन भी सज्जन बन जाते हैं।

 

 Hindi short stories for kids  

 

 

20. चिंटू पिंटू की शरारत

चिंटू-पिंटू दोनों भाई थे , दोनों की उम्र लगभग 2 साल की होगी। दोनों खूब शरारत करते थे। चिंटू ज्यादा शरारती था। वह पिंटू के सूंढ़ को अपने सूंढ़ में लपेटकर खींचता और कभी धक्का देकर गिरा देता।

 

एक दिन की बात है , दोनों खेल में लड़ते-झगड़ते दौड़ रहे थे।

 

चिंटू का पैर फिसल जाता है , वह एक गड्ढे में गिर जाता है।

 

चिंटू काफी मशक्कत करता है फिर भी वह बाहर नहीं निकल पाता।

 

पिंटू उसे अपने सूंढ़ से ऊपर खींचने की कोशिश करता। मगर उसकी कोशिश नाकाम रहती।

 

पिंटू दौड़कर अपनी मां को बुला लाता है।

 

उसकी मां अपने लंबे से सूंढ़ में लपेट कर चिंटू को जमीन पर ले आती है।

 

चिंटू की शरारत उस पर आज भारी पड़ गई थी।

 

उसने रोते हुए कहाआगे से शरारत नहीं करूंगा।

 

दोनों भाई खेलने लगे , इसको देकर उसकी मां बहुत खुश हुई।

 

 

 

मोरलअधिक शरारत और दूसरों को तंग करने की आदत सदैव आफत बन जाती है

Hindi short stories for kids  

 

 

Comments

Popular posts from this blog

The Great Khali Bangla Biography দ্য গ্রেট খালি বাংলা জীবনী

The Great Khali Bangla Biography  দ্য   গ্রেট   খালি   বাংলা    জীবনী   একজন দিনমজুর করা ছেলে কিভাবে পুরোবিশ্বে  দ্য   গ্রেট   খালি নাম খ্যাতি  করলেন  হিমাচল প্রদেশের সিরমৌর জেলায় দলীপ সিং রানা নামের এক যুবক প্রায় নিজের ঘরে খাবার নিয়ে জগড়া করতো।  আর কেনই বা জগড়া করতোনা কারণ দিন দিন তার শরীরের যে আকার বৃদ্ধি হচ্ছিল, পরিবারে যে খাবার তাকে দেওয়া হতো সেই খাবার দিয়ে কখনো তার ক্ষুদা মিটানো সম্ভব চিল  না।   সে একাই এতটুকু খেয়ে নিতো যে খাবার তার ৭ ভাই বোন মিলে খেতে পারতো।  দলীপ সিং এর বাবা পেশায় একজন দিনমজুর ছিলেন , তাই তিনি যথারিতি দলীপ সিঙ্গের খাবারের বেবস্তা করতে পারতেন না।   banglame.the-great-khali-biography একসময় কঠোর পরিশ্রম ও জীবনযাপনকারী   The Great Khali    আজ এত ধনী হয়ে উঠেছে যে তিনি নিজের গ্রামের উন্নয়নের জন্য অর্থ ব্যয় করেন। হ্যাঁ , কিশোরের দিনগুলিতে তাকে তার ভাই এবং বাবার সাথে কঠোর পরিশ্রম করতে হয়েছিল। যাতে তারা তাদের পেট   ভরে দুবেলা খেতে    পারে। কিন্তু একদিন তার ভাগ্য পালা নিল , তার জগত বদলে গেল।   The Great Khali    সাফল্যের গল্প কো

বাংলা প্রেরণামূলক ছোট গল্প

বাংলা প্রেরণামূলক ছোট গল্প আমাদের সবার   জীবনে সুখ দুঃখ কষ্ট , বেদনা থাকে , সিনেমার অর্ধনগ্ন নায়িকাদের   ছবি গুলোর জন্য ইন্টারনেট অনুসন্ধান করার পরিবর্তে বাংলা প্রেরণামূলক ছোট গল্প গুলো পড়ুন । যখন জীবন আপনাকে কোনো সমস্যায় ফেলেছে , তখন এই অনুপ্রেরণামূলক ছোট গল্প গুলিতে ফিরে আসুন।   সোবেরানো   ও   তার   মেয়ে ,  সহকারী   কমিশনার   জ্যোতি সেগুলি কেবল আত্মার জন্য একটি ইন্টারনেট আলিঙ্গন পাওয়ার মতো পড়ছে তা নয় , আপনার জন্য একটি ধারণা বা কোনও পরিবর্তনের জন্ম দিতে পারে। পড়ুন এবং ভালো লাগলে শেয়ার   করতে ভুলবেন না।   বাংলা জীবন সম্পর্কে সেরা প্রেরণামূলক ছোট গল্প   1. আসামের তিনসুকিয়া জেলায় ঘটে যাওয়া একটি বাস্তব জীবনের গল্প।   সোবেরানো নামে এক সবজি বিক্রেতা তার সবজির ঠেলা ঠেলে বাড়ি যাচ্ছিলেন   , হঠাৎ তিনি ঝোপঝাড়ের মধ্যে   কাঁদতে থাকা এক   বাচ্চার শব্দ শুনেছেন সোবেরানো ঝোপের কাছে গিয়ে দেখলেন একটি শিশু আবর্জনার স্তূপে শুয়ে কাঁদছে।   সোবেরানো চারপাশে তাকাচ্ছিল , কিছুক্ষণ

মিয়া খলিফা MIYA KHALIFA

MIYA KHALIFA মিয়া খলিফা   মিয়া খলিফার জীবনের অজানা অনেক তথ্য।    মিয়া খলিফার উপার্জন কত? আরও অনেক তথ্য।  mia-khalifa-bangla